Lok Sabha: सदन चलाने में पर घंटे 1.50 करोड़ का खर्चा: 1 दिन में 9 करोड़ खर्च होता; लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे पर पीठासीन ने कहा

सदन चलाने में पर घंटे 1.50 करोड़ का खर्चा: 1 दिन में 9 करोड़ खर्च होता; लोकसभा में विपक्षी सांसदों के हंगामे पर पीठासीन ने क्या कहा?

Lok Sabha Ruckus over Middle East Tension BJP vs Opposition Rahul Gandhi

Lok Sabha Ruckus over Middle East Tension BJP vs Opposition Rahul Gandhi

Lok Sabha News: संसद के बजट सत्र 2026 का दूसरा फेज आज सोमवार से शुरू हो गया है और ये 2 अप्रैल तक चलेगा। लेकिन दूसरे फेज के पहले दिन ही लोकसभा में जमकर हंगामा बरप गया। दरअसल एक तरफ जहां सत्ता पक्ष ने स्पीकर ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने को कहा तो वहीं विपक्ष ने सदन में Middle East (मध्य पूर्व) में जारी ईरान और 'अमेरिका-इजरायल' युद्ध और इस बीच लगातार बिगड़ते हालातों से भारत पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा करने की मांग कर दी।

इस दौरान सदन में भारी हंगामा और विपक्ष की नारेबाजी देखने को मिली। हालांकि विदेश मंत्री जयशंकर ने लोकसभा में मिडिल ईस्ट संघर्ष और इससे भारत पर पड़ने वाले असर को लेकर बयान जारी किया और यह बताया कि ''हमारी एनर्जी सिक्योरिटी पर इस संघर्ष के असर को देखते हुए सरकार यह पक्का करने के लिए कमिटेड है कि वह एनर्जी मार्केट की अवेलेबिलिटी, कॉस्ट और रिस्क को ध्यान में रखे। हमारे लिए इंडियन कंज्यूमर का हित हमेशा सबसे ऊपर रहेगा।"

 

हंगामे के चलते लोकसभा स्थगित

इधर जब हंगामा नहीं थमा तो पीठासीन जगदंबिका पाल ने मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी। जब विपक्षी सांसद प्लेकार्ड लेकर नारे लगाते हुए सदन के वेल में आए तो जगदंबिका पाल उन्हें हंगामा बंद करने और सदन में चर्चा होने देने के लिए कहते रहे। लेकिन हंगामा नहीं रुका। जिसके बाद जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप क्या चाहते हैं? आप चर्चा भी नहीं कर रहे और चाहते हैं कि स्पीकर यहां आएं भी नहीं। आप इसे राजनीतिक एजेंडा बनाना चाहते हैं।''

जगदंबिका पाल ने विपक्षी सांसदों से कहा, ''स्पीकर यहां के कस्टोडियन हैं। आप ने माननीय स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया. वो प्रस्ताव आज मंजूर हुआ है। जिस सांसद ने प्रस्ताव पेश किया है, उसे बोलने की अनुमति दे रहा हूं। लेकिन, आप सदन नहीं चलने देना चाहते हैं. देश देख रहा है कि सरकार सदन चलाना चाहती है, लेकिन आप (विपक्ष के लोग) नहीं चलाना चाहते. ये गैर-जिम्मेदाराना आचरण है, अपरिपक्व व्यवहार है।''

एक दिन में 9 करोड़ रुपये बर्बाद

जगदंबिका पाल ने यह भी बताया कि देश के सदन को चलाने में कितना खर्चा आता है। जगदंबिका पाल ने कहा कि "सदन चलाने में डेढ़ करोड़ प्रति घंटा खर्च होता है। एक-एक मिनट का ढाई लाख रुपया खर्च होता है। एक दिन में 9 करोड़ खर्च होता है। लेकिन विपक्ष अपने गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार से एक दिन का 9 करोड़ बर्बाद कर रहा है। ये जनता की मेहनत का पैसा है और पूरा देश देख रहा है कि विपक्ष किस तरह से जनता के पैसों का नुकसान कर रहा है।''